20 Years Of Lagaan: टेक्नोलॉजी के हिसाब से आज 'लगान' को बनाना आसान होगा, गांव में 10, 000 लोगों को इकठ्ठा करना मुश्किल था- आमिर खान 

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'लगान' बनाने के दौरान तकनीकी तौर पर आई दिक्कतों की बात करते हुए अभिनेता ने कहा, 'आज तो टेक्नोलॉजी तो बहुत आगे चली गई है. आज फिल्म मेकिंग में हम इतना कुछ कर सकते हैं जो वक्त पर सोच भी नहीं सकते थे. मैं आपको उदाहरण दूंगा, क्रिकेट मैच का जो आखिर में एक घंटा है, जिसमें हम दिखाते हैं कुछ 10 हजार गांव वाले वहां खड़े हैं, टीले पर चढ़े हुए हैं, सब देख रहे हैं. अब आज की डेट में हमें वो दिखाने के लिए 10 हजार लोग नहीं चाहिए. हम तकनीक के इस्तेमाल से भीड़ दिखा सकते हैं. हम 10 क्या, 20 हजार दिखा सकते हैं वहां पर लेकिन उस वक्त हमारे पास ये सब च्वॉइस नहीं थी. कोई शक नहीं कि आज हम अगर बनाएं तो शायद वो सब चीजें आसान हो जाएगी.'

'लगान' से जुड़ी सबसे खास याद को शेयर करते हुए आमिर खान ने अपनी एक्स वाइफ रीना दत्ता को क्रेडिट दिया. मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने कहा, "सच कहूं तो मेरे लिए सबसे खास याद है रीना.. मेरी एक्स- वाइफ. रीना को मैंने कहा कि मैं इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहा हूं तो आप मेरा साथ दो. तो उसने कहा कि मुझे फिल्ममेकिंग के बारे में कुछ पता नहीं है. और वो सच ही था. उन्होंने कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की है लेकिन फिर वो सुभाष घई से जाकर मिलीं, अशोक ठाकरिया से मिलीं, मनमोहन शेट्टी लैब ओनर से मिलीं. उन्होंने हर चीज को समझने की कोशिश की कि फिल्ममेकिंग होता क्या है.. तकनीकी तौर पर और किस तरह उन्होंने उतने कम समय में इतना ही समझा और कैसे इतनी बड़ी फिल्म को मैनेज किया, वो मेरे लिए हैरान कर देने वाला था. मुझे याद है कि वो बहुत अनुशासनप्रिय प्रोड्यूसर थीं. सबको डांटकर रखती थी वो.. मुझे, आशुतोष, नकुल कामटे, अनिल मेहता.. सबको डांटती थी कि आपने शेड्यूल बताया था तीन दिन का, आप लगा रहे हैं पांच दिन.. कैसे काम कर रहे हैं आपलोग लेकिन जब फिल्म पूरी हुई, तो रीना ने एक लेटर लिखा.. पूरी टीम को और वो लेटर पढ़कर मैं इतना रोया, वो बहुत ही इमोशनल लेटर था.


 

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