'हर फिल्म एक ग्लैमरस साइड दिखाती है, इसलिए लोगों को रियलिटी देखने के लिए अनकही कहानियां देखनी चाहिए: रिंकू राजगुरु और डेलजाद हिवाले

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17 सितम्बर की नेटफ्लिक्स पर एंथोलॉजी फ़िल्म ‘अनकही कहानियां’ रिलीज़ हुई. 'अनकाही कहानी' 1980 के दशक की शुरूआत में मुंबई की सड़कों पर स्थापित ये कहानी ‘उड़ता पंजाब’, ‘सोनचिरैया’ फेम अभिषेक चौबे ने डायरेक्टर हैं. स्क्रीनप्ले और संवाद हुसैन हैदरी और अभिषेक चौबे ने मिलकर लिखे हैं. ये कहानी नाइंटीज़ की है. और सबसे अच्छी बात ये है ऐसा कहीं लिखकर नहीं आता है. बल्कि अभिषेक ने निरमा के जिंगल से, पुराने नोटों से, कपड़ों से और बाकी चीज़ों से क्रिएटिवली ये समयकाल दर्शाया है. इस फ़िल्म की कहानी जयंत कैकिनी की लिखी कन्नड़ कहानी ‘मध्यांतर’ पर बेस्ड है. फ़िल्म में डायलॉग बहुत कम हैं. अभिषेक ने शानदार ढंग से छोटे-छोटे सीन्स से मैसेज कन्वे किया है. फ़िल्म में ‘सैराट’वाली रिंकू राजगुरु और डेलज़ाद लीड रोल में है. दोनों ही कलाकारों ने पीपिंगमून के साथ खास बातचीत की और अपनी फिल्म की खासियत बताई.

'मैं भी अपनी रोजी रोटी कमाना चाहता हूं, अगर लोग मुझे आमिर खान से जोड़ते हैं तो मैं ये कैसे कर पाऊंगा': फैसल खान

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